व्यंग्य का विश्वरूप: विदेशों में व्यंग्य लेखन का अध्ययन

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य का विश्वरूप: विदेशों में व्यंग्य लेखन का अध्ययन           देश की विभिन्न भाषाओं में व्यंग्य की...

भाषाओं के पार: व्यंग्य का भारतीय संसार-2

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. भाषाओं के पार: व्यंग्य का भारतीय संसार-2            दक्षिण भारतीय भाषाओं में तमिल-व्यंग्य की परंपरा अत्यंत प्राचीन...

भाषाओं के पार: व्यंग्य का भारतीय संसार

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. भाषाओं के पार: व्यंग्य का भारतीय संसार              वर्तमान में हिंदी व्यंग्य के परिदृश्य पर दृष्टि...

व्यंग्य-पत्रिकाओं की विरासत

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य-पत्रिकाओं की विरासत                साहित्य की जिन विधाओं ने समय-समय पर लोकप्रियता के नए आयाम...

हिंदी व्यंग्य स्तंभ-लेखन की परंपरा और समकाल

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. हिंदी व्यंग्य स्तंभ-लेखन की परंपरा और समकाल              हिंदी व्यंग्य को लोकप्रिय बनाने में स्तंभ-लेखन की...

हिंदी व्यंग्य आलोचना: मुख्यधारा से अब भी बाहर

अरुण अर्णव खरे की कलम से…. हिंदी व्यंग्य आलोचना: मुख्यधारा से अब भी बाहर              इन दिनों हिंदी व्यंग्य लेखन में उल्लेखनीय सक्रियता देखी...

व्यंग्य: इक्कीसवीं सदी के अछूते विषय

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य: इक्कीसवीं सदी के अछूते विषय            समय के साथ बहुत-सी चीज़ें बदलती रहती हैं। जीवन-शैली बदलती...

व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं

नियमित ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं             बात उस समय की है, जब कोरोना के कारण...

व्यंग्य में फैंटेसी- प्रभावकारी व्यंजना

नियमित ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य में फैंटेसी- प्रभावकारी व्यंजना                  फैंटेसी-साहित्य एक सशक्त और बहुआयामी विधा है, जिसमें...

सभी सत्ताओं पर भारी डिजिटल सत्ता

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. सभी सत्ताओं पर भारी डिजिटल सत्ता व्यंग्य के बारे में यह धारणा प्रचलित है कि उसका निशाना सदैव सत्ता पर होना...