एडविना-नेहरू पवित्र प्रेम की अनूठी मिसाल

आब-ओ-हवा के सिलसिले ‘गूंज बाक़ी’ के लिए एक और यादगार लेख। अक्टूबर 1991 धर्मयुग में प्रकाशित लाडलीमोहन निगम का यह लेख जवाहरलाल नेहरू और एडविना उर्फ़ लेडी माउंटबैटन के...

जैनेंद्र-ओशो की मुलाक़ात : चूहा-बिल्ली का खेल

‘गूंज बाक़ी’ में एक यादगार संस्मरण, सौजन्य-प्रस्तुति: विवेक मेहता…. जैनेंद्र-ओशो की मुलाक़ात : चूहा-बिल्ली का खेल              जैनेंद्र कुमार और रजनीश दो अलग-अलग व्यक्तित्व।...

अवधूत कौन है?

गूंज बाक़ी… इस शृंखला में साहित्य के पुरखों की अमूल्य धरोहरों का सिंहावलोकन… हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (19.08.1907-19.05.1979) लिखित पुस्तक ‘कबीर’ एक संदर्भ ग्रंथ की प्रतिष्ठा रखती है। कबीर के...

एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध

गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...
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