अदब में अलग भाषा नहीं, परंपरा है

गूंज बाक़ी… इस लेख में साहित्य अकादमी व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कवि ने भारत व पाकिस्तान के उर्दू साहित्य, प्रगतिवादी दौर के बाद उर्दू साहित्य और हिंदी...