आज रंग है….

हिंदुस्तान यानी एक रंग-रंगीली सरगम। हर सुर, हर रंग एक-दूसरे में घुला-मिला हुआ, रचा-बसा हुआ। यही इंद्रधनुषी धुन देश की तहज़ीब है। प्यार, वाबस्तगी और एका के पैग़ाम सभी...

क्या हैं नवगीत और कैसे?

क्या हैं नवगीत और कैसे? नवगीतों का रंग-रूप और चाल-चरित्र क्या होता है? इस विषय पर नवगीतकार ख़ुद क्या महसूस करते हैं! भोपाल में 5 फरवरी को नवगीत केंद्रित...

गीत विमर्श की इस यात्रा का नया मोड़

नियमित ब्लॉग राजा अवस्थी की कलम से…. गीत विमर्श की इस यात्रा का नया मोड़              आब-ओ-हवा के तीसरे अंक से ‘समकाल का नवगीत...
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