February 28, 2026 आब-ओ-हवा कला कोलाज पारंपरिक कलाएं बनाम नयी अभिव्यक्ति पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार सन् 1985 के आस-पास, एक दिन, हुआ यूँ कि कुछ संथाली युवक... Continue Reading
December 31, 2025 आब-ओ-हवा कला कोलाज स्वर, रंग-रूप, भंगिमा, आकाश और अन्य तत्व पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. स्वर, रंग-रूप, भंगिमा, आकाश और अन्य तत्व उन दिनों भोपाल में रहना वाक़ई सौभाग्य था। कभी... Continue Reading