• ब्लॉग
    • हम बोलेंगे
    • क़िस्सागोई
    • व्यंग्य: पक्का चिट्ठा
    • ग़ज़ल: लौ और धुआं
    • पोएट्री थेरेपी
    • गूंजती आवाज़ें
    • उड़ जाएगा हंस अकेला
    • तरक़्क़ीपसंद तहरीक की कहकशां
    • शेरगोई
    • कला चर्चा
    • उर्दू के शाहकार
    • तख़्ती
    • समकाल का गीत विमर्श
    • कुछ फ़िल्म कुछ इल्म
    • तह दर तह विश्व साहित्य
  • साहित्य
    • काव्य
    • कहानी
    • किताब
    • अनुवाद
    • आलेख
    • इत्यादि
  • कला
    • सिनेमा
    • संगीत-नृत्य
    • चित्र-शिल्प
    • छाया
    • थिएटर
    • अन्य
  • माहौल
    • विश्लेषण
    • नज़रिया
    • ख़बरें
  • वीडियो
  • आपका मंच
LATEST NEWS
लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री
साहित्य की सकारात्मक दृष्टि
कक्षा के आयाम – स्मृतियों से सीख
गीत तब : कमलकांत सक्सेना
सुषमा जैन – परम्परा का नया रूप
आब-ओ-हवा
आब-ओ-हवा
  • ब्लॉग
    • हम बोलेंगे
    • क़िस्सागोई
    • व्यंग्य: पक्का चिट्ठा
    • ग़ज़ल: लौ और धुआं
    • पोएट्री थेरेपी
    • गूंजती आवाज़ें
    • उड़ जाएगा हंस अकेला
    • तरक़्क़ीपसंद तहरीक की कहकशां
    • शेरगोई
    • कला चर्चा
    • उर्दू के शाहकार
    • तख़्ती
    • समकाल का गीत विमर्श
    • कुछ फ़िल्म कुछ इल्म
    • तह दर तह विश्व साहित्य
  • साहित्य
    • काव्य
    • कहानी
    • किताब
    • अनुवाद
    • आलेख
    • इत्यादि
  • कला
    • सिनेमा
    • संगीत-नृत्य
    • चित्र-शिल्प
    • छाया
    • थिएटर
    • अन्य
  • माहौल
    • विश्लेषण
    • नज़रिया
    • ख़बरें
  • वीडियो
  • आपका मंच

Archives: Stories

आब-ओ-हवा > Stories
Menu
  • मुखपृष्ठ
  • हम
  • साथी
  • सहयोग
  • रचनाएं भेजें
  • PDF खरीदें
Facebook Instagram Youtube
Footer Logo
Menu
  • ब्लॉग
    • हम बोलेंगे
    • क़िस्सागोई
    • व्यंग्य: पक्का चिट्ठा
    • ग़ज़ल: लौ और धुआं
    • पोएट्री थेरेपी
    • गूंजती आवाज़ें
    • उड़ जाएगा हंस अकेला
    • तरक़्क़ीपसंद तहरीक की कहकशां
    • शेरगोई
    • कला चर्चा
    • उर्दू के शाहकार
    • तख़्ती
    • समकाल का गीत विमर्श
    • कुछ फ़िल्म कुछ इल्म
    • तह दर तह विश्व साहित्य
  • साहित्य
    • काव्य
    • कहानी
    • किताब
    • अनुवाद
    • आलेख
    • इत्यादि
  • कला
    • सिनेमा
    • संगीत-नृत्य
    • चित्र-शिल्प
    • छाया
    • थिएटर
    • अन्य
  • माहौल
    • विश्लेषण
    • नज़रिया
    • ख़बरें
  • वीडियो
  • आपका मंच
bangladesh violence
  • August 9, 2025
  • Nilesh Kumar

बांग्लादेशी फ़ितूर ! विरासत चकनाचूर

फ़ितूर में विरासत खो रहा बांग्लादेश.... टैगोर, सत्यजीत रे और बांग्लादेशी नेताओं के स्मारकों, घरों की तबाही
Continue Reading
स्त्री के मन की बात शिवानी के कैनवास
  • July 21, 2025
  • Nilesh Kumar

स्त्री के मन की बात शिवानी के कैनवास

स्त्री के मन की बात शिवानी के कैनवास
Continue Reading

गद्य

फ़्रंट स्टोरी

स्टैंड लीजिए, आप अपने ही देश में हैं : राजेश जोशी, विष्णु नागर, कविता कृष्णपल्लवी, राकेश कायस्थ, भवेश दिलशाद की टिप्पणियां

मुआयना

ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
उर्दू, ईदी, शब्दकोष : भवेश दिलशाद

ब्लॉग : तख़्ती
बच्चे कोरे कागज़ नहीं : आलोक कुमार मिश्रा

सरोकार

‘बोलने’ के पक्ष में शीर्ष न्यायालय, बड़े काम के बोल : आब-ओ-हवा प्रस्तुति

ग़ज़ल रंग

ब्लॉग : शेरगोई
“थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है” : विजय स्वर्णकार

ब्लॉग : गूंजती आवाज़ें
आभासी दुनिया और इलियास राहत : सलीम सरमद

गुनगुनाहट

ब्लॉग : समकाल का गीत विमर्श
नयी सदी की चुनौतियांँ और नवगीत कविता-4 : राजा अवस्थी

ब्लॉग : जिया सो गाया
ये दुनिया अगर मिल भी जाये तो क्या है? : मनस्वी अपर्णा

फ़न की बात

‘अच्छी शायरी ही चलती है, टिकती है’ : प्रख्यात शायर राजेश रेड्डी से ग़ज़ाला तबस्सुम की बातचीत

किताब कौतुक

ब्लॉग : क़िस्सागोई
कठोर सच की कहानियां : नमिता सिंह

ब्लॉग : उर्दू के शाहकार
फ़साना-ए-आज़ाद : डॉ. आज़म

ब्लॉग : तह-दर-तह
शिकारी व गौरैया : निशांत कौशिक

सदरंग

ब्लॉग : वरधन की कला चर्चा
कला में एब्स्ट्रैक्शन-2 : धृतिवर्धन गुप्त

ब्लॉग : उड़ जाएगा हंस अकेला
रॉबिन की धुन पर मन्ना दा का रूमान : विवेक सावरीकर ‘मृदुल’

ब्लॉग : तरक़्क़ीपसंद तहरीक़ कहकशां
..पहुंचे हैं कहां तक इल्म-ओ-फ़न साक़ी : जाहिद ख़ान

याद बाक़ी
शाहनाज़ इमरानी, एक यादगार कहानी : प्रतिभा गोटीवाले

पूर्व पाठ…
‘कैकेयी अब बोलती’… एक कृति धारावाहिक-6

पद्य

ग़ज़ल और गीत

गीत तब : हबीब जालिब

गीत अब : ज्ञानप्रकाश पांडेय

ग़ज़ल तब : साहिर लुधियानवी

ग़ज़ल अब : वसीम नादिर

Recent Posts

  • लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री
  • साहित्य की सकारात्मक दृष्टि
  • कक्षा के आयाम – स्मृतियों से सीख
  • गीत तब : कमलकांत सक्सेना
  • सुषमा जैन – परम्परा का नया रूप

Recent Comments

  1. V K JAIN on हम तुम और वो
  2. Deeksha Manish on गीत तब : कमलकांत सक्सेना
  3. Deeksha Manish on गीत तब : कमलकांत सक्सेना
  4. V K JAIN on शायरी में बारिश-बादल-बरसात
  5. Ravindra on बरसात पर 11 समकालीन हिंदी कविताएं

Archives

  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025

Categories

  • Uncategorized
  • अंक
  • अनुवाद
  • आलेख
  • इत्यादि
  • उड़ जाएगा हंस अकेला
  • उर्दू के शाहकार
  • कला चर्चा
  • कहानी
  • क़िस्सागोई
  • काव्य
  • किताब
  • कुछ फ़िल्म कुछ इल्म
  • ख़बरें
  • ग़ज़ल: लौ और धुआं
  • गूंजती आवाज़ें
  • चित्र-शिल्प
  • जिया सो गाया
  • टिप्पणी
  • तख़्ती
  • तरक़्क़ीपसंद तहरीक की कहकशां
  • तह दर तह विश्व साहित्य
  • थिएटर
  • नज़रिया
  • पोएट्री थेरेपी
  • फ़न की बात
  • विश्लेषण
  • व्यंग्य: पक्का चिट्ठा
  • शेरगोई
  • संगीत-नृत्य
  • समकाल का गीत विमर्श
  • सिनेमा
  • हम बोलेंगे

Search

Get in Touch

  • 750 Followers
  • 950 Likes
  • 1400 Subscribers
  • 1250 Fans
  • 1050 Followers

Recent Posts

सलीम सरमद, saleem sarmad
लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री August 30, 2025
राजा अवस्थी, raja awasthi
साहित्य की सकारात्मक दृष्टि August 30, 2025
आलोक मिश्रा, alok mishra
कक्षा के आयाम – स्मृतियों से… August 30, 2025
कमलकांत सक्सेना, kamalkant saxena
गीत तब : कमलकांत सक्सेना August 30, 2025
प्रीति निगोसकर, preeti nigoskar
सुषमा जैन – परम्परा का नया… August 30, 2025

2025 All Rights Reserved

Menu
  • आर्काइव
  • आभार
  • आयाम
  • योगदानकर्ता
Facebook Instagram Youtube
Footer Logo

आब-ओ-हवा में प्रकाशित सामग्री के किसी माध्यम से सार्वजनिक उपयोग या पुनरुत्पादन से पहले संपादक और लेखक से अनुमति लेना अनिवार्य है। अनुमति के बाद ही आप ‘साभार आब-ओ-हवा’ उल्लेख करते हुए उपयोग करें। आब-ओ-हवा में प्रकाशित रचनाओं का कॉपीराइट लेखकों/अनुवादकों/कलाकारों का है। प्रकाशित सामग्री के लिए लेखक उत्तरदायी हैं, संपादकीय सहमति अनिवार्य नहीं है, आवश्यकतानुसार आप संवाद कर सकते हैं। विवाद के बरअक्स विमर्श का मंच बनाने की कोशिश में जुड़िए।
सर्वाधिकार सुरक्षित © Aab-O-Hawa

Developed And Managed by : Hobocult

Our Visitor

009403
Total views : 20498