फ़िल्म समीक्षा: यह मलयालम मूवी आपने नहीं देखी तो ज़रूर देखिए

फ़िल्म समीक्षा: यह मलयालम मूवी आपने नहीं देखी तो ज़रूर देखिए                 ‘द ग्रेट इंडियन किचन’-  नाम से आभास होता है कि...

सैर कर ग़ाफ़िल…: एक कलाकार की यूरोप डायरी-3

(शब्द और रंग, दोनों दुनियाओं में बेहतरीन दख़ल रखने वाली प्रवेश सोनी हाल ही, क़रीब महीने भर की यूरोप यात्रा से लौटी हैं। कवि और कलाकार की नज़र से,...

नन्हा राजकुमार: एक आवश्यक अध्ययन

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

संवाद करती कहानियां

संवाद करती कहानियां मेरे सामने श्रद्धा श्रीवास्तव का हाल में प्रकाशित पहला कहानी संग्रह ‘धूप नीचे नहीं उतरती’ है। इससे पहले जो कुछ कहानियां पत्रिकाओं में छपीं, पढ़ने का...

मुक्त सिनेमा बनाम ग़ुलाम सेंसर बोर्ड

मुक्त सिनेमा बनाम ग़ुलाम सेंसर बोर्ड              क़ैद में एक लड़की से पुलिस की सख़्त पूछताछ, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना, पूछताछ में पुलिस के...

दर्स (शिक्षा), अंदाज़ और शहरयार

दर्स (शिक्षा), अंदाज़ और शहरयार “जिसका कलाम जितना बेहतर है वह उसे उतना ही बुरा पढ़ता है”, ये कोई तयशुदा शर्त नहीं है, ये बात ज़रूर पहली बार अपने...
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