ग़ज़ल तब : महेश अनघ

संदर्भ : 14 सितंबर 1947, महेश अनघ की जयंती ग़ज़ल तब : महेश अनघ 1 मुस्कानों का आना जाना पल दो चार रहा एक पुराना छाला दिल पर पहरेदार...
  • September 14, 2025
  • आब-ओ-हवा

अंक – 35

आब-ओ-हवा – अंक – 35 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में हिंदी दिवस पर कुछ विशेष चिंतन। इधर प्रख्यात...

मौत

मोहम्मद जोकोर लिखित इंडोनेशियाई कहानी का अंग्रेज़ी से अनुवाद श्रीविलास सिंह की कलम से…. मौत               खुले मैदान के मध्य में मोड़ पर...

सितारे ज़मीं पर… सबके अलग नॉर्मल से तालमेल का पैग़ाम

फ़िल्म चर्चा ख़ुदेजा ख़ान की कलम से…. सितारे ज़मीं पर… सबके अलग नॉर्मल से तालमेल का पैग़ाम              फ़िल्म “सितारे जमीं पर” की चर्चा...

हमें ईश्वर की ज़रूरत क्यों है?

गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। इस शृंखला की पहली पेशकश में अपनी भिन्न वैचारिक उष्मा के साथ ही एक प्रासंगिक विचार के संदर्भ में भी...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘आबो-हवा’

‘आबो-हवा’ का सीधा मतलब जलवायु है और शायरी में यह बाहर और भीतर की कैफ़ियत के हवाले से दर्ज होता रहा है। कहीं-कहीं तो यह प्रतीक भी बन जाता...

पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी : भाग-22

कवियों की भाव-संपदा, विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना रहा, जो जल्द पुस्तकाकार प्रकाशित हो रही है। अब यहां इसे यहीं...

गुनाहों का देवता.. मुझे लेखक बनाने वाली किताब

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

गालियों की पॉलिटिक्स और सोशियोलॉजी

आदित्य की कलम से…. गालियों की सोशियोलॉजी और पॉलिटिक्स                मीडिया में वबाल मचा है कि प्रधानमंत्री को विपक्षी पार्टी के मंच से...