यतींद्रनाथ राही: विशाल अनुभव, अलग अंदाज़ व दृष्टि

अनामिका सिंह अना की कलम से…. यतींद्रनाथ राही: विशाल अनुभव, अलग अंदाज़ व दृष्टि             कैसा सुखद योग है कि 31 दिसम्बर 2025 को...
  • December 31, 2025
  • आब-ओ-हवा

अंक – 42

आब-ओ-हवा – अंक – 42 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में गुज़र रहे 2025 की प्रमुख हलचलों पर प्रमुख...

सड़कों पर सोते लोग, क्या प्रश्न सिर्फ़ अमेरिका का है?

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?

आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?              मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर...

चलता-फिरता विचार बना महुआ-डाबर संग्रहालय

इतिहास संजोने वाले संग्रहालय की वर्ष 2025 की ऐतिहासिक यात्रा, स्मृति, संघर्ष और उपेक्षा का लेखा-जोखा चलता-फिरता विचार बना महुआ-डाबर संग्रहालय               बस्ती।...

महामना: वामन से विराट की यात्रा

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम

25 से 28 दिसंबर 2025 तक जबलपुर में सजेगा तमाम कलाओं का मेला, विमर्श और प्रस्तुतियों का राष्ट्रीय मंच यानी ‘जलम’ जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम...

विनोद कुमार शुक्ल: जो चुपचाप चला गया, पर सबके पास पहुँच गया

डीकोडिंग पोएट्री ब्रज श्रीवास्तव की कलम से…. विनोद कुमार शुक्ल: जो चुपचाप चला गया, पर सबके पास पहुँच गया             जिनके जाने से   ...

विनोद कुमार शुक्ल: शब्द संधान

अपने प्रिय लेखक को जानिए, विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. विनोद कुमार शुक्ल: शब्द संधान             हिंदी के आधुनिक कथा‑साहित्य और कविता में...

स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी: सबकी स्वतंत्रता का प्रतीक

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...
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