ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर

नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर              रहगुज़र बेशक हर वक़्त तैयार रहती है...

ऐसे ईमानदारी के आइकन बने लाल बहादुर शास्त्री​

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

“रामराज्य का अर्थ हिन्दू राज्य नहीं”

अतीत की एक याद मधूलिका श्रीवास्तव की कलम से…. “रामराज्य का अर्थ हिन्दू राज्य नहीं”              दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल ...
  • September 29, 2025
  • आब-ओ-हवा

अंक – 36

आब-ओ-हवा – अंक – 36 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर दो महापुरुषों...

हर संवेदनशील भारतीय को शर्मसार करती किताब

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज

इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज   (ग़ज़लिया शायरी में जो ‘हिंदी ग़ज़ल’ धारा बह रही है, उसके प्रमुख समकालीन रचनाकारों में द्विजेंद्र द्विज का नाम शामिल है। हिंदी के साथ...

रंग

ललित व्यंग्य पंकज निनाद की कलम से…. रंग                पूत के पाँव पालने में दिखने लगे थे। वह अपने पिता पर ही गया...

पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए कलाकारों ने जुटाये 11 लाख

फ्रांस ने 14, अमेरिका ने 4, ऑस्ट्रेलिया ने एक और दैनिक भास्कर ने भी एक कलाकृति खरीदी बाढ़ पीड़ितों के लिए कलाकारों ने जुटाये 11 लाख      ...

चंद्रकांता: प्रासंगिकता और आलोचना के प्रश्न

गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। वर्षों पहले राजकमल पेपरबैक्स से प्रकाशित ‘चंद्रकांता’ के लिए प्रसिद्ध लेखक-संपादक राजेंद्र यादव ने चालीस से भी अधिक पन्नों की...
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