भाषा, साहित्य और कथक की त्रिवेणी: एक विवेचन

कला वार्ता स्वरांगी साने की कलम से…. भाषा, साहित्य और कथक की त्रिवेणी: एक विवेचन                   वे हिंदी साहित्य के छात्र...

‘मजाज़ हूं सरफ़रोश हूं मैं’ का विमोचन

विचार विमर्श और पुस्तक विमोचन के नाम रहा ‘जनवादी लेखक संघ’ का राष्ट्रीय सम्मेलन ‘मजाज़ हूं सरफ़रोश हूं मैं’ का विमोचन              ‘जनवादी लेखक...

साहित्य की बातों को बुनने का जुनून ‘साकीबा’

साकीबा का दसवाँ वार्षिक समारोह: कहानियों, कविताओं, ग़ज़लों के नाम एक दिन और अतिथि कवियों-कलाकारों का सम्मान साहित्य की बातों को बुनने का जुनून ‘साकीबा’        ...

करियर, रिश्तों और व्यक्तित्व विकास के सूत्र थमाती किताब

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

सज़ा

लोकरंग की लघुकथा पंकज निनाद की कलम से…. सज़ा              जबसे उसने होश संभाला था, वो तीन सरकारें बदलते देख चुका था। सब कुछ...

विज़न 2035: भारत में स्वास्थ्य निगरानी- वरदान या ख़तरा?

विश्लेषण और चिंता डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. विज़न 2035: भारत में स्वास्थ्य निगरानी- वरदान या ख़तरा?              भारत ने 4 दिसम्बर 2020...

पानी की कहानी… अनुपम मिश्र से आमिर खान की बातचीत

‘आज भी खरे हैं तालाब’ अनुपम मिश्र के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है, यह तो उनकी उपलब्धियों के महान कोष का एक छोटा-सा हिस्सा है। अनुपम मिश्र...

‘खरे हैं तालाब’ बस किताब नहीं, जीने का मंत्र-साझा परंपरा

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...
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