एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!

प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!             शिक्षा साहित्य में ऐसी पुस्तकें बहुत कम...

शुक्रिया ‘कितने पाकिस्तान’

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

बिहार में माताओं के स्तनदूध में यूरेनियम, समस्या व समाधान

शैलेन्द्र चौहान की कलम से…. बिहार में माताओं के स्तनदूध में यूरेनियम, समस्या व समाधान             बिहार के छह ज़िलों— भोजपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया,...

काल के कपाल पर

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. काल के कपाल पर             कहते हैं, काल के कपाल पर पहले से ही हमारा भूत, वर्तमान...

नफ़रत के ख़िलाफ़… शायरी पोस्टर

नफ़रत के ख़िलाफ़… शायरी पोस्टर 6 दिसंबर 92 के बाद… बाबरी विध्वंस, राम मंदिर, मंदिर यहीं बनाएंगे, राम जन्मभूमि और ऐसे न जाने कितने जुमलों, नारों के बीच तीन...

ज्योत्स्ना… तेरी राजी

याद बाक़ी… पिछले दिनों लेखक राजी सेठ हमारे बीच नहीं रहीं, आब-ओ-हवा की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। कथा संसार के साथ ही उनका पत्र साहित्य भी पठनीय और चर्चित...

मोमो

संस्मरण ख़ुदेजा ख़ान की कलम से…. मोमो             कभी-कभी जीवन में अचानक कोई इस तरह दाख़िल हो जाता है कि उसकी उपस्थिति की आदत...

आज की सियासत पर कटाक्ष “बागेश्वर एमएलए”

पुस्तक चर्चा विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. आज की सियासत पर ज़बरदस्त कटाक्ष ‘बागेश्वर एमएलए’              एक साथ राजनीतिक व्यंग्य, सामाजिक यथार्थ और...
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