हिन्दोस्तानी भाषा और डॉ. अख़्तर नज़्मी

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. हिन्दोस्तानी भाषा और डॉ. अख़्तर नज़्मी महात्मा गांधी ने भाषा के मध्यम मार्ग को खोज लिया था, वो उसको हिंदी नहीं… हिन्दोस्तानी...

शिक्षक दिवस तुम फिर आना

पाक्षिक ब्लॉग आलोक कुमार मिश्रा की कलम से…. शिक्षक दिवस तुम फिर आना 5 सितंबर यानी कि टीचर्स डे, मतलब शिक्षक दिवस बिना किसी बड़ी आपदा के बीत गया।...

सिगरेट… बदनाम औरतें और बाज़ार मालामाल

भवेश दिलशाद की कलम से…. सिगरेट… औरतें बदनाम और बाज़ार मालामाल              जे.के. रॉलिंग की एक फ़ोटो इसी साल अप्रैल में चर्चा में थी,...

सभी सत्ताओं पर भारी डिजिटल सत्ता

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. सभी सत्ताओं पर भारी डिजिटल सत्ता व्यंग्य के बारे में यह धारणा प्रचलित है कि उसका निशाना सदैव सत्ता पर होना...

वैश्विक भाषाई परिदृश्य: हिंदी तथा विविध विदेशी भाषाएं

गहन पड़ताल विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. वैश्विक भाषाई परिदृश्य: हिंदी तथा विविध विदेशी भाषाएं             भारतीय समाज में भाषा केवल संप्रेषण का...

पीटर वॉटकिन्स बने पतरस बुखारी और उर्दू हुई मालामाल

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. पीटर वॉटकिन्स बने पतरस बुखारी और उर्दू हुई मालामाल                प्रथम प्रकाशन 1930 में “मज़ामीन-ए-पतरस”। अहमद...

अथर्ववेद और औषधीय विज्ञान

पाक्षिक ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से…. अथर्ववेद और औषधीय विज्ञान शामनिज्म में उपचार में संगीत और लयात्मक का आधार प्रकृति से घनिष्ठता है। प्रकृति में एक लय है,...

ग़ज़ल तब : महेश अनघ

संदर्भ : 14 सितंबर 1947, महेश अनघ की जयंती ग़ज़ल तब : महेश अनघ 1 मुस्कानों का आना जाना पल दो चार रहा एक पुराना छाला दिल पर पहरेदार...
  • September 14, 2025
  • आब-ओ-हवा

अंक – 35

आब-ओ-हवा – अंक – 35 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में हिंदी दिवस पर कुछ विशेष चिंतन। इधर प्रख्यात...

मौत

मोहम्मद जोकोर लिखित इंडोनेशियाई कहानी का अंग्रेज़ी से अनुवाद श्रीविलास सिंह की कलम से…. मौत               खुले मैदान के मध्य में मोड़ पर...
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