अर्द्धनारीश्वर

डॉ. मंगला अनुजा की कलम से…. अर्द्धनारीश्वर              शिव का वह स्वरूप जिसमें उनके शरीर के दाहिने आधे अंग में वे स्वयं तथा बाहिने...

कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?              तक़रीबन दर्जन भर ग़ज़ल संग्रह के रचनाकार डॉ. माधव कौशिक...

बदली-बदली नज़र आती है दुनिया आवाज़ की

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

इतिहास से कम नहीं रामचंद्र गुहा के संस्मरण

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. इतिहास से कम नहीं रामचंद्र गुहा के संस्मरण               हाल-फ़िलहाल में सेतु प्रकाशन से आयी पुस्तक...

मध्य प्रदेश के यादगार चेहरे

मध्य प्रदेश 70वें साल में प्रवेश कर चुका है। मध्य प्रदेश के बारे में सामान्य ज्ञान के साथ ही कुछ विशिष्ट जानकारियां, बातें और विमर्श हम इस ब्लॉग में...

मक़बूल… फ़िल्म की ज़मीन और आसमान

21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से ​चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण…...

सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार            …तो मैं बता रही थी 1983 में सोनाबाई को राष्ट्रपति पुरस्कार...
  • February 14, 2026
  • आब-ओ-हवा

अंक – 45

आब-ओ-हवा – अंक – 45 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में मिर्ज़ा ग़ालिब की याद का एक ख़ास पन्ना।...

एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध

गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...
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