January 30, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी अलसुबह अरमानों को अपनी कांख में दबाकर... और पढ़े
January 15, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार... और पढ़े
December 31, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं आता-जाता साल और शाइरी के रंग पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. आता-जाता साल और शाइरी के रंग वक़्त किसी का नहीं होता। वह सभी के साथ चलता है और... और पढ़े
December 15, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं छूटती चीज़ों को संभालती शाइरी पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. छूटती चीज़ों को संभालती शाइरी वक़्त बहुत तेज़ी से बदल रहा है। जिस तेज़ी से वक़्त बदल... और पढ़े
November 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं लकदक बाज़ार में गुमसुम किरदार पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. लकदक बाज़ार में गुमसुम किरदार फ़िक्रो-फ़न के ऐतबार से शाइरी ने नये मौज़ूआत को हर वक़्त... और पढ़े
November 14, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी इल्म और शाइरी का क्या तअल्लुक है? इसको लेकर... और पढ़े
October 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं ज़ालिम दौर में मासूम शाइरी की आवाज़ पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़ालिम दौर में मासूम शाइरी की आवाज़ शाइरी किसी की ख़ुशामद नहीं करती, उंगली उठाती... और पढ़े
October 15, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शेर और शाइरी के बीच की जगह नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शेर और शाइरी के बीच की जगह किसी भी शेर की ख़ूबसूरती का अंदाज़ा इसी... और पढ़े
September 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर रहगुज़र बेशक हर वक़्त तैयार रहती है... और पढ़े
September 14, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक शाइरी अब रवायती मौज़ूआत से अलहदा राहों... और पढ़े