वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन               निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार...

छूटती चीज़ों को संभालती शाइरी

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. छूटती चीज़ों को संभालती शाइरी            वक़्त बहुत तेज़ी से बदल रहा है। जिस तेज़ी से वक़्त बदल...

लकदक बाज़ार में गुमसुम किरदार

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. लकदक बाज़ार में गुमसुम किरदार              फ़िक्रो-फ़न के ऐतबार से शाइरी ने नये मौज़ूआत को हर वक़्त...

किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी             इल्म और शाइरी का क्या तअल्लुक है? इसको लेकर...

ज़ालिम दौर में मासूम शाइरी की आवाज़

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़ालिम दौर में मासूम शाइरी की आवाज़               शाइरी किसी की ख़ुशामद नहीं करती, उंगली उठाती...

ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर

नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर              रहगुज़र बेशक हर वक़्त तैयार रहती है...

शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक              शाइरी अब रवायती मौज़ूआत से अलहदा राहों...

नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर            शाइरी के अपने तकाज़े रहे हैं। अपने...
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