परवीन शाकिर की मुर्दा उंगलियाँ

गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। परवीन शाकिर पिछली कुछ पीढ़ियों की महबूब शायर रही हैं। उनके अंतिम संस्कार के क्षणों के अहसास को शब्द दिये...

कायस्थों की लिपि कैथी – इतिहास, वर्तमान और भविष्य

प्रसंगवश: दीवाली के बाद आने वाली दूज पर कायस्थ समुदाय में चित्रगुप्त पूजन की परंपरा है। इस तिथि पर कायस्थ समुदाय में विशेष रूप काग़ज़, कलम और दवात की...
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