March 2, 2026 आब-ओ-हवा काव्य आज रंग है…. हिंदुस्तान यानी एक रंग-रंगीली सरगम। हर सुर, हर रंग एक-दूसरे में घुला-मिला हुआ, रचा-बसा हुआ। यही इंद्रधनुषी धुन देश की तहज़ीब है। प्यार, वाबस्तगी और एका के पैग़ाम सभी... Continue Reading
December 15, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी शेर का मा’नी वक़्त और हालात के साथ... Continue Reading
December 15, 2025 आब-ओ-हवा शेरगोई एक दरख़्त के साये में 50 वर्ष (अंतिम भाग) विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. एक दरख़्त के साये में 50 वर्ष (अंतिम भाग) पिछले दो भागों में हमने दुष्यंत कुमार... Continue Reading
October 15, 2025 आब-ओ-हवा काव्य ‘चराग़’ के विषय पर चार शायरों की ग़ज़लें ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... Continue Reading
July 30, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें पहली किताब, बस स्टैंड और दीवान रोशन लाल रोशन सलीम सरमद की कलम से…. पहली किताब, बस स्टैंड और दीवान रोशन लाल रोशन जब मुझे शेर के दो मिसरों की समझ आयी... Continue Reading