इंद्रधनुष-7 : डॉ. तारिक़ क़मर

इंद्रधनुष-7 : डॉ. तारिक़ क़मर   ‘नयी ग़ज़ल में इमेजरी’ विषय पर अपना शोध प्रबंध लिखने वाले डॉ. तारिक़ क़मर उर्दू शाइरी में अपनी एक ख़ास पहचान बना चुके...

कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?

आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?              मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर...

ज़ालिम दौर में मासूम शाइरी की आवाज़

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़ालिम दौर में मासूम शाइरी की आवाज़               शाइरी किसी की ख़ुशामद नहीं करती, उंगली उठाती...

ग़ज़ल तब : महेश अनघ

संदर्भ : 14 सितंबर 1947, महेश अनघ की जयंती ग़ज़ल तब : महेश अनघ 1 मुस्कानों का आना जाना पल दो चार रहा एक पुराना छाला दिल पर पहरेदार...