लोककला में क्या कुछ नया होता ही नहीं?

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. लोककला में क्या कुछ नया होता ही नहीं?        पिछली कड़ी में हमने कलावंत कुम्हार कालीपद जी के उस प्रसंग...

सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार            …तो मैं बता रही थी 1983 में सोनाबाई को राष्ट्रपति पुरस्कार...

सोनाबाई… अपने अकेलेपन से मौलिक प्रतिशोध

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. सोनाबाई… अपने अकेलेपन से मौलिक प्रतिशोध            उनके घर के बरामदे में बनी मिट्टी की जालियों की ओर...

लोककला और सरोकारों से जुड़ी कलाकार प्रतिभा वाघ

पाक्षिक ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. लोककला और सरोकारों से जुड़ी कलाकार प्रतिभा वाघ              चर्चित व्यंग्यकार स्व. बाल राणे जी की बेटी...
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