गूंज बाक़ी… दुनिया के हालात के मद्देनज़र कैसे कोई कविता प्रासंगिक हो जाती है! गोपालदास नीरज की एक कविता जैसे फिर ज़िंदा हो गयी है। दशकों पहले कविता पढ़ते...
क्या हैं नवगीत और कैसे? नवगीतों का रंग-रूप और चाल-चरित्र क्या होता है? इस विषय पर नवगीतकार ख़ुद क्या महसूस करते हैं! भोपाल में 5 फरवरी को नवगीत केंद्रित...
निराला और वीणावादिनी महाप्राण निराला के काव्य में वीणावादिनी की गूंज, आभा और उपस्थिति अपरम्पार दिखती है। वह भारती वंदना करते हैं तो उसका स्वरूप भी वीणावादिनी का है,...
शैक्षिक संवाद मंच प्रकाशित करेगा ‘कवितायन’ बांदा। शैक्षिक संवाद मंच उ.प्र. द्वारा आयोजित आनलाइन मासिक कविता पाठ सत्र कवितायन-13 में आमंत्रित रचनाकार...
कवियों की भाव-संपदा, विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना रहा, जो जल्द पुस्तकाकार प्रकाशित हो रही है। अब यहां इसे यहीं...
कवियों की भाव-संपदा, विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना है… जयप्रकाश मानस की कलम से…. पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी...
कवियों की भाव-संपदा, विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना है… जयप्रकाश मानस की कलम से…. पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी...