भाई शरद के बहाने

कटाक्ष राजेंद्र प्रसाद सक्सेना की कलम से…. भाई शरद के बहाने            शरद भाई! क्या तुम जैसे दुबले-पतले आदमी के होने या न होने से...

व्यंग्य लेखन की समझ का दायरा बढ़ाती किताब

पुस्तक चर्चा ‎शारदा दयाल श्रीवास्तव की कलम से…. व्यंग्य लेखन की समझ का दायरा बढ़ाती किताब ‎                  नामचीन व्यंग्यकार श्री विवेक...

आज की सियासत पर कटाक्ष “बागेश्वर एमएलए”

पुस्तक चर्चा विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. आज की सियासत पर ज़बरदस्त कटाक्ष ‘बागेश्वर एमएलए’              एक साथ राजनीतिक व्यंग्य, सामाजिक यथार्थ और...

व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं

नियमित ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं             बात उस समय की है, जब कोरोना के कारण...

21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. 21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी              21वीं सदी व्यंग्य के लिए...
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