अगर तीसरा युद्ध हुआ तो? …नीरज की यादगार कविता

गूंज बाक़ी… दुनिया के हालात के मद्देनज़र कैसे कोई कविता प्रासंगिक हो जाती है! गोपालदास नीरज की एक कविता जैसे फिर ज़िंदा हो गयी है। दशकों पहले कविता पढ़ते...

अहिन्दीभाषियों के लिए हिंदी कविताओं की किताब

पुस्तक चर्चा रति सक्सेना की कलम से…. हिंदी कविताओं की किताब अहिन्दीभाषियों के लिए              2025 में एक संग्रह आया, जिसका संबंध रहा हिन्दी...

इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज

इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज   (ग़ज़लिया शायरी में जो ‘हिंदी ग़ज़ल’ धारा बह रही है, उसके प्रमुख समकालीन रचनाकारों में द्विजेंद्र द्विज का नाम शामिल है। हिंदी के साथ...

ग़ज़ल तब : महेश अनघ

संदर्भ : 14 सितंबर 1947, महेश अनघ की जयंती ग़ज़ल तब : महेश अनघ 1 मुस्कानों का आना जाना पल दो चार रहा एक पुराना छाला दिल पर पहरेदार...
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