August 30, 2025 आब-ओ-हवा व्यंग्य: पक्का चिट्ठा 21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. 21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी 21वीं सदी व्यंग्य के लिए... Continue Reading
August 26, 2025 आब-ओ-हवा इत्यादि एक राष्ट्र एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. एक राष्ट्र, एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का पुछल्ला... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा व्यंग्य: पक्का चिट्ठा भारतीय व्यंग्य इतिहास का प्रस्थान बिंदु “शिवशंभू के चिट्ठे” अरुण अर्णव खरे की कलम से…. भारतीय व्यंग्य इतिहास का प्रस्थान बिंदु “शिवशंभू के चिट्ठे” व्यंग्य का मूल स्वभाव विरोध है, यह सत्ता के... Continue Reading
July 30, 2025 आब-ओ-हवा व्यंग्य: पक्का चिट्ठा कौन-सी विशेषता व्यंग्य को विधा बनाती है? साहित्य के कैनवास पर व्यंग्य की दमक को अब शिनाख़्त की ज़रूरत नहीं है। फिर भी प्रश्न उभरता है कि समकाल में व्यंग्य की धार पैनी क्यों महसूस नहीं... Continue Reading