दो विचार, एक सदी और बेमेल तुलना

भारत की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में वर्ष 2025 में दो धुर-विरोधी विचारधाराओं से सम्बद्ध संगठन तथा राजनीतिक दल की लगातार तुलना की जाती रही है। ये हैं ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

महामना: वामन से विराट की यात्रा

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

वन्दे मातरम: सुरों के सफ़र की दास्तान

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

जब इतिहास ही खो जाये..

मुंशी प्रेमचंद (31.07.1880-08.10.1936) की जयंती के अवसर पर यह वैचारिकी प्रेमचंद के साहित्य का ऐतिहासिक महत्व समझाती है और यह भी कि इस साहित्य को किस तरह संरक्षित किया...