जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम

25 से 28 दिसंबर 2025 तक जबलपुर में सजेगा तमाम कलाओं का मेला, विमर्श और प्रस्तुतियों का राष्ट्रीय मंच यानी ‘जलम’ जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम...

2025: साहित्य के उत्सव-पुरस्कार-विमर्श और…

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

इतने साहित्य उत्सव..! तमाशा मेरे आगे

नियमित ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. इतने साहित्य उत्सव..! तमाशा मेरे आगे               साहित्य उत्सव क्या बला हैं? कुछ बरस पहले की...