हिंदी और उर्दू दोनों का शाहकार उपन्यास

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. हिंदी और उर्दू दोनों का शाहकार उपन्यास                 ‘गोदान’, मुंशी प्रेमचंद के इस नॉवेल का...

दरवाज़ा

मुंशी प्रेमचंद ने शुरू में (और उसके बाद भी) ‘नवाबराय’ नाम से उर्दू में विशद लेखन किया। हालांकि अब के हिंदी पाठकों तक उनकी उर्दू कहानियां कम ही पहुंचीं।...