नामचीन साहित्यकारों के चुटीले प्रसंग-2

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों के चुटीले प्रसंग-2            हिंदी साहित्य जगत में एक ऐसा दौर था, जब बड़े हस्ताक्षर प्रतिष्ठित...

अगर तीसरा युद्ध हुआ तो? …नीरज की यादगार कविता

गूंज बाक़ी… दुनिया के हालात के मद्देनज़र कैसे कोई कविता प्रासंगिक हो जाती है! गोपालदास नीरज की एक कविता जैसे फिर ज़िंदा हो गयी है। दशकों पहले कविता पढ़ते...

निराला और वीणावादिनी

निराला और वीणावादिनी महाप्राण निराला के काव्य में ​वीणावादिनी की गूंज, आभा और उपस्थिति अपरम्पार दिखती है। वह भारती वंदना करते हैं तो उसका स्वरूप भी वीणावादिनी का है,...

किताब, जादू और डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ‘रौशन’

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. किताब, जादू और डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ‘रौशन’             मेरे बाएं हाथ में डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती...
error: Content is protected !!