ऑस्कर न पा सकी ‘फ़िलीस्तीन-36’ क्या कहती है?

बियॉण्ड द रिव्यू भवेश दिलशाद की कलम से…. ऑस्कर न पा सकी ‘फ़िलीस्तीन-36’ क्या कहती है?             फ़िलीस्तीनी ग्रामीणों को क़ैदी बनाकर जिस बस...

विजय स्वर्णकार: लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर!

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. विजय स्वर्णकार: लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर             समकालीन हिंदी ग़ज़ल का आकाश जिन दैदीप्यमान नक्षत्रों से पुरनूर...

धुरंधर: पॉलिटिकल फ़िल्म या साइकी में घुसपैठ

बियॉण्ड द रिव्यू भवेश दिलशाद की कलम से…. धुरंधर: पॉलिटिकल फ़िल्म या साइकी में घुसपैठ              अगर कोई फ़िल्म बाज़ार में चल पड़ती है,...
error: Content is protected !!