कला ऋषि एल.एन. भावसार स्मृति शेष

स्मरण.. चित्रकार सुभाष अरोड़ा की कलम से…. कलाऋषि एल.एन. भावसार स्मृति शेष               ग्वालियर। कला गुरु उमेन्द्र वर्मा एवं कला मित्र वीरेन्द्र नागवंशी...

समर शेष है… और चुप्पी विशेष?

प्रतिरोध पंकज निनाद की कलम से…. समर शेष है…               विगत 7 जनवरी को बिलासपुर में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय और साहित्य अकादमी...

जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम

25 से 28 दिसंबर 2025 तक जबलपुर में सजेगा तमाम कलाओं का मेला, विमर्श और प्रस्तुतियों का राष्ट्रीय मंच यानी ‘जलम’ जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम...

2025: साहित्य के उत्सव-पुरस्कार-विमर्श और…

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

साहित्य की बातों को बुनने का जुनून ‘साकीबा’

साकीबा का दसवाँ वार्षिक समारोह: कहानियों, कविताओं, ग़ज़लों के नाम एक दिन और अतिथि कवियों-कलाकारों का सम्मान साहित्य की बातों को बुनने का जुनून ‘साकीबा’        ...
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