हिंदुस्तान में उर्दू अदब का हाल मायूस करता है: ज़किया मशहदी

उर्दू अफ़सानानिगारों में महिलाओं के नाम भले ही उंगलियों पर गिने जाने लायक़ हों लेकिन उनका क़द अदब में काफ़ी ऊंचा है। ये नाम बड़े ही एहतराम से लिये...

आब-ए-गुम: यूसुफ़ी की काट का अकाट कारनामा

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. आब-ए-गुम: यूसुफ़ी की काट का अकाट कारनामा         मुश्ताक अहमद यूसुफ़ी की यह किताब उर्दू तंज़-ओ-मिज़ाह (हास्य-व्यंग्य) साहित्य की...

अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर

अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर             भोपाल। उस्ताद शायर ज़फ़र सहबाई की सदारत में “सुख़न-सराए” भोपाल के ज़ेरे-एहतमाम ब-यादे डॉक्टर...

2025: साहित्य के उत्सव-पुरस्कार-विमर्श और…

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

अदब में अलग भाषा नहीं, परंपरा है

गूंज बाक़ी… इस लेख में साहित्य अकादमी व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कवि ने भारत व पाकिस्तान के उर्दू साहित्य, प्रगतिवादी दौर के बाद उर्दू साहित्य और हिंदी...

शायरी की आलोचना पर पहली व यादगार किताब

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. शायरी की आलोचना पर पहली व यादगार किताब              यह पुस्तक सर्वप्रथम “शेर-ओ-शायरी” नाम से लिखी गयी...
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