गूंज बाक़ी… इस लेख में साहित्य अकादमी व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कवि ने भारत व पाकिस्तान के उर्दू साहित्य, प्रगतिवादी दौर के बाद उर्दू साहित्य और हिंदी...
गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। परवीन शाकिर पिछली कुछ पीढ़ियों की महबूब शायर रही हैं। उनके अंतिम संस्कार के क्षणों के अहसास को शब्द दिये...