विज्ञान बनाम नैतिकता की बहस है ‘जलथलिया’

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

बराबरी के सपने से ‘ज़्यादा बराबरी’ वाली हकीकत–एनिमल फार्म

जॉर्ज ऑरवेल ने एनिमल फ़ार्म का लेखन नवंबर 1943 में शुरू किया था और फरवरी 1944 में संपन्न। दूसरा विश्वयुद्ध रुकते ही 17 अगस्त 1945 में यह पहली बार...

शिक्षक के प्रति श्रद्धा, संवेदना व सम्मान जगाती कृति

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

हर उम्र की स्त्री के लिए यूनिवर्सिटी है यह किताब

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

‘युद्ध और शान्ति’ की नियति

निशांत कौशिक की कलम से…. ‘युद्ध और शान्ति’ की नियति            मार्क ट्वेन ने कहा था, “क्लासिक साहित्य वह है जिसकी लोग प्रशंसा करते फिरें...
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