January 15, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि गोविंद सर की यादों का गुलशन याद बाक़ी… तरुणा मिश्रा की कलम से…. गोविंद सर की यादों का गुलशन मोहतरम गोविंद गुलशन सर से मेरी पहली मुलाक़ात, साल... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा बियॉण्ड द ब्रेन तो क्या इंसानी दिमाग़ की उल्टी गिनती शुरू? पाक्षिक ब्लॉग जयजीत अकलेचा की कलम से…. तो क्या इंसानी दिमाग़ की उल्टी गिनती शुरू? कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हाल... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा आलेख कृतित्व के आईने में ज्ञानरंजन ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा Truth in हेल्थ भांग का रासायनिक मूल्यांकन पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. भांग का रासायनिक मूल्यांकन (एक पुराने पौधे की नई–पुरानी कहानी) ... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा फ़न की बात कविता को नये संदर्भों में समझना होगा: रति सक्सेना रति सक्सेना साहित्य की दुनिया में भली-भांति पहचानी जाती हैं। वर्ल्ड पोएट्री मूवमेंट और कृत्या पोएट्री फ़ेस्टिवल उनकी शख़्सियत के पर्याय बन चुके हैं। ratisaxena.com पर उनके व्यक्तित्व व... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा पोएट्री थेरेपी कैसे ट्रीट करता है एक पोएट्री थेरेपिस्ट?-2 पाक्षिक ब्लॉग (गतांक से आगे) रति सक्सेना की कलम से…. कैसे ट्रीट करता है एक पोएट्री थेरेपिस्ट?-2 मैंने ग्लेन कॉलेजा से सवाल... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा टिप्पणी ज्ञानरंजन का जाना ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा उड़ जाएगा हंस अकेला हृदयनाथ का मंगेशकर घराना पाक्षिक ब्लॉग विवेक सावरीकर मृदुल की कलम से…. हृदयनाथ का मंगेशकर घराना पंडित हृदयनाथ मंगेशकर का नाम बॉलीवुड के संगीत आकाश में... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद पता नहीं मैं अपनी कच्ची उम्र के किस... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार... Continue Reading