सिंगापुर में भव्य स्तर पर मना हिंदी दिवस

सिंगापुर में भव्य स्तर पर मना हिंदी दिवस                   सिंगापुर। विश्व साहित्य सेवा संस्थान यानी VSSS–Singapore द्वारा 12 सितंबर 2026 को...

हिंदी रंगमंच: संकट का ग्रहण बनाम रोशनी की उम्मीद

हिंदी की ज़मीनें…. एक रंगकर्मी की नज़र से समाज (विशेष रूप से हिंदी पट्टी का जनमानस), सत्ता और रंग-संस्कृति की बेबाक पड़ताल। पंकज निनाद की कलम से…. हिंदी रंगमंच:...

कॉर्पोरेट, पत्रकारिता, हिंदी

भवेश दिलशाद की कलम से…. कॉर्पोरेट, पत्रकारिता, हिंदी              आपने कभी सुना दो धुर विरोधी पार्टियों मसलन कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन...

हिंदी की ज़मीनें: परत-दर-परत

नियमित ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. हिंदी की ज़मीनें: परत-दर-परत             हिंदी पर बात शुरू करने से पहले साफ़ समझिएगा मैं जिसे हिंदी...

रंग बिरंगी: राजनैतिज्ञों-साहित्यकारों की चुटकियां-10

नियमित ब्लॉग विवेक मेहता की प्रस्तुति… रंग बिरंगी: राजनैतिज्ञों-साहित्यकारों की चुटकियां-10              हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य लहरियों को...

एरोल फ़्लिन: पर्दे के रॉबिनहुड की ड्रामाई ज़िंदगी

इस शृंखला में इस बार एक ऐतिहासिक स्टार की याद। उसका पूरा जीवन ही जैसे कई स्तरों पर एक सफ़रनामा रहा। अनुभवों का ख़ज़ाना और शोहरत का ज़माना और...

‘क्वीन’ के बाद: हिंदी सिनेमा में स्त्री का पुनर्लेखन

‘हिंदी की ज़मीनें’ अंक में प्रसंगवश… इस स्तंभ में 21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की...

आख़िर हमें ‘एआई मैनेजर’ क्यों चाहिए?

हिंदी की ज़मीनें… वर्तमान समय में दुनिया में कृत्रिम बौद्धिकता शोध ही नहीं, उद्योग ही नहीं बल्कि आम जनजीवन में सर्वाधिक चर्चित विषयों में शुमार है। लेकिन क्या आप...

सूचना के अधिकार या सवालों से परे है HPV वैक्सीन?

हिंदी की ज़मीनें… आमजन को जो टीके लगाये जा रहे हैं, उनकी प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों पर एक जनहित याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो रुख़ अपनाया, वह...
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