सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार            …तो मैं बता रही थी 1983 में सोनाबाई को राष्ट्रपति पुरस्कार...
  • February 14, 2026
  • आब-ओ-हवा

अंक – 45

आब-ओ-हवा – अंक – 45 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में मिर्ज़ा ग़ालिब की याद का एक ख़ास पन्ना।...

एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध

गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...

अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर

अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर             भोपाल। उस्ताद शायर ज़फ़र सहबाई की सदारत में “सुख़न-सराए” भोपाल के ज़ेरे-एहतमाम ब-यादे डॉक्टर...

अमेरिका: पार्किंग का चक्रव्यूह

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता!

पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता!              चंडीगढ़। छायाकार विरले क्षणों का सौदागर और पेन्टर होता स्मृतियों का सौदाई, संवेदनशील द्वय रचते हैं निःशब्द...

प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया

पुस्तक चर्चा डॉ. अस्मिता सिंह की कलम से…. प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया            “प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियाँ”, हिन्दी के अन्यतम आलोचक आनंद प्रकाश...

साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व

नोट्स विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व             साठोत्तरी साहित्य भारतीय रचनाकाल का वह कालखंड है, जो...

रब्त

हास्य-व्यंग्य मुदित रेवातटी की कलम से…. रब्त             परसों बड़ी मेहनत से ग़ज़ल कहने की कोशिश की। जैसे ही मुक़म्मल हुई, फटाक से जाकर...
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