September 14, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक शाइरी अब रवायती मौज़ूआत से अलहदा राहों... और पढ़े
August 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर शाइरी के अपने तकाज़े रहे हैं। अपने... और पढ़े
August 14, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं वतन की सांसों से वाबस्ता तहरीरों की शायरी आशीष दशोत्तर की कलम से…. वतन की सांसों से वाबस्ता तहरीरों की शायरी यौम-ए-आज़ादी हर दौर में शाइरी का हिस्सा रहा है। हो भी... और पढ़े
July 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात आशीष दशोत्तर की कलम से…. ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात ख़ुदा-ए-सुख़न मीर कहते हैं-शेर मेरे हैं गो ख़वास-पसंदपर मुझे... और पढ़े