अमेरिका में लिखने-पढ़ने की संस्कृति

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी

शख़्सियत को जानिए प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी             प्राथमिक शिक्षा के दौरान एक कविता पढ़ने...

खेद है – एक राष्ट्रीय भावना का आधुनिक संस्करण

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

ब्रेन ड्रेन, ब्रेन गेन या ब्रेन वेस्ट?

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

बदीउज़्ज़मां, जैसा मैंने उन्हें जाना

याद बाक़ी… यह संस्मरण अकार-68 में प्रकाशित है, जो इस पत्रिका के सहायक संपादक श्री जीवेश के सौजन्य से साभार प्राप्त हुआ। ‘तुम भूल न जाओ उनको…’ बस इसी...

भारत में परिवारवाद

व्यंग्य आदित्य की कलम से…. भारत में परिवारवाद             ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई? पृथ्वी कैसे बनी? देवता कहाँ से आए? स्वर्ग, नरक और...

परदेस में मूल्य निर्धारण

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

आदिवासी: अलग दुनिया, समान संघर्ष

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

हिंदी दिवस के दो उत्सव और न्यूयॉर्क में गूंज

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...