स्मारकों का संवाद

विवेक रंजन श्रीवास्तव विदेश यात्राओं पर हैं और युद्ध के चलते लंदन में रुके हुए हैं। इस दौरान वह नियमित रूप से शब्दों को समय दे रहे हैं। आब-ओ-हवा...

इस्लाम: सत्ता संघर्ष और वैश्विक शांति की राह

विवेक रंजन श्रीवास्तव विदेश यात्राओं पर हैं और युद्ध के चलते लंदन में रुके हुए हैं। इस दौरान वह नियमित रूप से शब्दों को समय दे रहे हैं। आब-ओ-हवा...

होली की आध्यात्मिकता

निबंध विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. होली की आध्यात्मिकता            होली, जिसे रंगों का त्यौहार कहा जाता है, भारतीय संस्कृति और सनातन परम्परा का...

युद्ध में दुनिया और बुद्ध की प्रासंगिकता

विवेक रंजन श्रीवास्तव विदेशों की यात्राओं पर हैं। इस दौरान वह नियमित रूप से शब्दों को समय दे रहे हैं। आब-ओ-हवा पर विशेष रूप से इस वैचारिकी, नोट्स, अनुभव...

आज दुनिया की चुनौतियाँ और सत्याग्रह

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

कुत्ते

हास्य-व्यंग्य आदित्य की कलम से…. कुत्ते            कुत्तों से संबंधित हाल की कुछ घटनाओं ने भारतीय जनमानस को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।...

अमेरिका में भारत

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध

गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...
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