January 30, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी अलसुबह अरमानों को अपनी कांख में दबाकर... Continue Reading
January 30, 2026 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... Continue Reading
January 30, 2026 आब-ओ-हवा ख़बरें ताहिर फ़राज़ को ख़िराज डॉ. आज़म की कलम से…. ताहिर फ़राज़ को ख़िराज “ताहिर फ़राज़ ने जनता की साइकी, मनोविज्ञान, माइंड सेट, उनकी प्राथमिकता, उनके मानसिक सरोकारों... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद पता नहीं मैं अपनी कच्ची उम्र के किस... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार... Continue Reading
December 15, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी शेर का मा’नी वक़्त और हालात के साथ... Continue Reading
November 14, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी इल्म और शाइरी का क्या तअल्लुक है? इसको लेकर... Continue Reading
October 15, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें फ़ासला, भाषा, उद्देश्य और अदम गौंडवी नियमित ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. फ़ासला, भाषा, उद्देश्य और अदम गौंडवी “गर्म रोटी की महक पागल बना देती है मुझे” इस... Continue Reading