कुरान के बाद सबसे ज़्यादा छपने वाली किताब

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. मुसद्दस हाली – अल्ताफ़ हुसैन “हाली”            किताब “मुसद्दस हाली” पहली बार 1879 में पब्लिश हुई थी। इसमें...

जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी               शेर का मा’नी वक़्त और हालात के साथ...

लकदक बाज़ार में गुमसुम किरदार

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. लकदक बाज़ार में गुमसुम किरदार              फ़िक्रो-फ़न के ऐतबार से शाइरी ने नये मौज़ूआत को हर वक़्त...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘चराग़’

शम्अ, दीया और दीपक शब्द भी शायरी में बख़ूबी बरते जाते रहे हैं लेकिन हमने इस दीवाली के मौक़े पर चुना है लफ़्ज़ ‘चराग़’ या चिराग़। इस लफ़्ज़ को...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘आबो-हवा’

‘आबो-हवा’ का सीधा मतलब जलवायु है और शायरी में यह बाहर और भीतर की कैफ़ियत के हवाले से दर्ज होता रहा है। कहीं-कहीं तो यह प्रतीक भी बन जाता...

नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर            शाइरी के अपने तकाज़े रहे हैं। अपने...