हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘चराग़’

शम्अ, दीया और दीपक शब्द भी शायरी में बख़ूबी बरते जाते रहे हैं लेकिन हमने इस दीवाली के मौक़े पर चुना है लफ़्ज़ ‘चराग़’ या चिराग़। इस लफ़्ज़ को...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘आबो-हवा’

‘आबो-हवा’ का सीधा मतलब जलवायु है और शायरी में यह बाहर और भीतर की कैफ़ियत के हवाले से दर्ज होता रहा है। कहीं-कहीं तो यह प्रतीक भी बन जाता...

नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर            शाइरी के अपने तकाज़े रहे हैं। अपने...

आवाज़ दो हम एक हैं

संदर्भ: आज़ादी के आंदोलन में तरक़्क़ी-पसंद शायरों का किरदार और उनकी शायरी का योगदान ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. आवाज़ दो हम एक हैं          ...
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