December 30, 2025 आब-ओ-हवा आलेख कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’? आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’? मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर... Continue Reading
December 15, 2025 आब-ओ-हवा शेरगोई एक दरख़्त के साये में 50 वर्ष (अंतिम भाग) विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. एक दरख़्त के साये में 50 वर्ष (अंतिम भाग) पिछले दो भागों में हमने दुष्यंत कुमार... Continue Reading
October 15, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शेर और शाइरी के बीच की जगह नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शेर और शाइरी के बीच की जगह किसी भी शेर की ख़ूबसूरती का अंदाज़ा इसी... Continue Reading
July 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात आशीष दशोत्तर की कलम से…. ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात ख़ुदा-ए-सुख़न मीर कहते हैं-शेर मेरे हैं गो ख़वास-पसंदपर मुझे... Continue Reading