बृज की एयरलाइंस

हास्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. बृज की एयरलाइंस            अभी कुछ दिन पहले हमारे देश के ख्यातिप्राप्त हास्य-व्यंग्यकार कवि डॉ. अशोक चक्रधर जी...

व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं

नियमित ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं             बात उस समय की है, जब कोरोना के कारण...

पर्दा है पर्दा

व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. पर्दा है पर्दा               राजा विशेष आरामगाह में आराम फ़रमा रहा था। विशेष इसलिए कि वह पहली...

व्यंग्य में फैंटेसी- प्रभावकारी व्यंजना

नियमित ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य में फैंटेसी- प्रभावकारी व्यंजना                  फैंटेसी-साहित्य एक सशक्त और बहुआयामी विधा है, जिसमें...

रंग

ललित व्यंग्य पंकज निनाद की कलम से…. रंग                पूत के पाँव पालने में दिखने लगे थे। वह अपने पिता पर ही गया...

साहब की डिग्री और नैतिकता की दुहाई

हास्य-व्यंग्य आदित्य की कलम से…. साहब की डिग्री और नैतिकता की दुहाई              मेरा मानना है देश के युवा साहब की डिग्री इसलिए देखना...

21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. 21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी              21वीं सदी व्यंग्य के लिए...

एक राष्ट्र एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. एक राष्ट्र, एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव           देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का पुछल्ला...

भारतीय व्यंग्य इतिहास का प्रस्थान बिंदु “शिवशंभू के चिट्ठे”

अरुण अर्णव खरे की कलम से…. भारतीय व्यंग्य इतिहास का प्रस्थान बिंदु “शिवशंभू के चिट्ठे”            व्यंग्य का मूल स्वभाव विरोध है, यह सत्ता के...

व्यंग्य की लोकधर्मी परंपरा: भारतेंदु से वर्तमान तक

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...
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