चुनाव है, खड़े होने का नहीं बैठने का मज़ा

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. चुनाव है, खड़े होने का नहीं बैठने का मज़ा              आप कहेंगे, चुनाव तो खड़े होने के...

डॉक्टर हड़ताल पर हैं!

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. डॉक्टर हड़ताल पर हैं!              आज का दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे मनहूस दिनों में बाक़ायदा दर्ज...

नामचीन साहित्यकारों के रोचक कटाक्ष-3

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों के रोचक कटाक्ष-3             पिछली दो कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के...

आश्वासन पुराण

हास्य-व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. आश्वासन पुराण            सभा-मण्डप में धूप के छिन्न-भिन्न कण थिरक रहे थे। मध्य आसन पर विराजित महामुनि ने दीर्घ...

मोदी जी की उपलब्धियां

हास्य-व्यंग्य श्रीकांत आप्टे की कलम से…. मोदी जी की उपलब्धियां            बारह साल हो गये मोदीजी को प्रधानमंत्री बनकर। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ...

रंग-बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां

प्रस्तुति विवेक मेहता…. रंग-बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां            हास्य-व्यंग्य बात ही बात में बड़ी सीख दे जाते हैं। सहनशीलता, समझदारी की परीक्षा लेते हुए...

रब्त

हास्य-व्यंग्य मुदित रेवातटी की कलम से…. रब्त             परसों बड़ी मेहनत से ग़ज़ल कहने की कोशिश की। जैसे ही मुक़म्मल हुई, फटाक से जाकर...

खेद है – एक राष्ट्रीय भावना का आधुनिक संस्करण

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...
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