दृष्टिकोण, आंदोलन, मौलिकता और क़ैफ़ी आज़मी

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. दृष्टिकोण, आंदोलन, मौलिकता और क़ैफ़ी आज़मी          ‘गूंजती आवाज़ें’ में प्रस्तुत आलेख मेरी स्मृति के पन्ने थे, जिन्हें मैं...

इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान             ज़िंदगी मुझसे कह रही थी कि उम्र सवालों की जा...

ताहिर फ़राज़ को ख़िराज

डॉ. आज़म की कलम से…. ताहिर फ़राज़ को ख़िराज             “ताहिर फ़राज़ ने जनता की साइकी, मनोविज्ञान, माइंड सेट, उनकी प्राथमिकता, उनके मानसिक सरोकारों...

इंद्रधनुष-2 : विजय तिवारी विजय

इंद्रधनुष-2 : विजय तिवारी ‘विजय’ (उर्दू शायरी की दुनिया में विजय तिवारी का नाम परिचय का मोहताज नहीं। किताब तो उनकी भले ही एकाध ही आयी है लेकिन मुशायरों...
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