इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

ताहिर फ़राज़ को ख़िराज

डॉ. आज़म की कलम से…. ताहिर फ़राज़ को ख़िराज             “ताहिर फ़राज़ ने जनता की साइकी, मनोविज्ञान, माइंड सेट, उनकी प्राथमिकता, उनके मानसिक सरोकारों...

इंद्रधनुष-2 : विजय तिवारी विजय

इंद्रधनुष-2 : विजय तिवारी ‘विजय’ (उर्दू शायरी की दुनिया में विजय तिवारी का नाम परिचय का मोहताज नहीं। किताब तो उनकी भले ही एकाध ही आयी है लेकिन मुशायरों...