गीत अब जगदीश पंकज

गीत अब जगदीश पंकज ख़बरें, बरस रहीं धरती परआसमान बोझिल-बोझिल हैजाने-पहचाने चेहरों परकुछ भी कह पाना मुश्किल है कानाफूसी में उलझी हैंइतनी आदमक़द अफ़वाहेंचलती-फिरती दीख रही हैंदीवारों की कुटिल...

गीत तब – कुमार रवींद्र

गीत तब कुमार रवींद्र अपराधी देव हुएऎसे में क्या करें मंदिर की घंटियाँ उनको तो बजना है बजती हैंकई बार आपा भी तजती हैंधूप मरी भोर-हुएकैसे फिर धीर धरें...

ग़ज़ल अब राजकुमार राज़

ग़ज़ल अब राजकुमार राज़ तुमने दुश्वारियाँ देखीं तो इरादे बदलेहमने मंज़िल ही कभी बदली न रस्ते बदलेफिर कहीं कोई जनाज़ा उठा शाने बदलेखेल था वो ही फ़क़त देखने वाले...

ग़ज़ल तब

ग़ज़ल तब ज़फ़र गोरखपुरी रौशनी परछाईं पैकर आख़िरीदेख लूँ जी भर के मंज़र आख़िरीमैं हवा के झक्कड़ों के दरमियाँऔर तन पर एक चादर आख़िरीज़र्ब इक ठहरे हुए पानी पे...

धुन ही नहीं, रहमान के बर्ताव पर भी सवालिया निशान

धुन ही नहीं, रहमान के बर्ताव पर भी सवालिया निशान हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकार के लिए लड़ी गयी पहली लड़ाई शास्त्रीय संगीत के घराने के...

उठ मेरी जान, मेरे साथ ही चलना है तुझे

उठ मेरी जान, मेरे साथ ही चलना है तुझे      दीगर तरक़्क़ीपसंद शायरों की तरह कैफ़ी आज़मी ने भी अपनी शायरी की इब्तिदा रूमानी ग़ज़लों से की, लेकिन...

भारत से मास्को तक एक जोकर का सफ़र

भारत से मास्को तक एक जोकर का सफ़र राज कपूर की ‘मेरा नाम जोकर’ को रूस में अप्रत्याशित सफलता मिलने के साढ़े पांच दशक बाद, भारतीय जोकर की आत्मा...

‘हमें तो लूट लिया’ से ये फ़नकार हुए मक़बूल लेकिन फिर न हुए क़ुबूल

‘हमें तो लूट लिया’ से ये फ़नकार हुए मक़बूल लेकिन फिर न हुए क़ुबूल साल 1958 में एक फ़िल्म आई- ‘अल हिलाल’। अल हिलाल का मतलब होता है नया...

ऐनी आपा का ‘आग का दरिया’

ऐनी आपा का ‘आग का दरिया’ “क़ुर्रतुल-ऐन हैदर ने एक ऐसी मुशतर्का तहज़ीब (साझा संस्कृति) के गुण गाये और अपने तहदार किरदारों में ऐसी हिन्दुस्तानी शख़्सियात (व्यक्तित्वों) को उजागर...

आज के हिन्दुस्तान की कहानी

आज के हिन्दुस्तान की कहानी मेरे सामने युवा कथाकार सोनी पांडेय का उपन्यास ‘सुनो कबीर’है। आज के कवियों में सोनी पांडेय का विशिष्ट स्थान है। इधर उन्होंने कहानियाँ लिखीं...
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