जातिवाद, मुस्लिम समाज में ऊँच-नीच की कहानियां

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. जातिवाद, मुस्लिम समाज में ऊँच-नीच की कहानियां      ‘तश्तरी’ सुहेल वहीद द्वारा संपादित मुस्लिम समाज में जातिगत ऊँच-नीच पर केंद्रित कहानियों...

इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

उर्दू के शेक्सपियर का सिल्वर किंग

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. उर्दू के शेक्सपियर का सिल्वर किंग           सिल्वर किंग आग़ा हश्र कश्मीरी का एक बहुत मशहूर सुधारवादी और...

दिल चाहता है… अनेक परिभा​षाएं गढ़ने वाली फिल्म

21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से ​चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण…...

सोनाबाई… अपने अकेलेपन से मौलिक प्रतिशोध

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. सोनाबाई… अपने अकेलेपन से मौलिक प्रतिशोध            उनके घर के बरामदे में बनी मिट्टी की जालियों की ओर...

अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा

पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा           भारत रत्न तक के चयन पर उंगली उठती है, तब पद्म पुरस्कारों...

ताहिर फ़राज़ को ख़िराज

डॉ. आज़म की कलम से…. ताहिर फ़राज़ को ख़िराज             “ताहिर फ़राज़ ने जनता की साइकी, मनोविज्ञान, माइंड सेट, उनकी प्राथमिकता, उनके मानसिक सरोकारों...
  • January 30, 2026
  • आब-ओ-हवा

अंक – 44

आब-ओ-हवा – अंक – 44 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में महात्मा गांधी और माखनलाल चतुर्वेदी जैसे पुरखों को...

माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी

शख़्सियत को जानिए प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी             प्राथमिक शिक्षा के दौरान एक कविता पढ़ने...

महात्मा गांधी: विचार दर विचार

शख़्सियत को जानिए विवेक मेहता की कलम से…. महात्मा गांधी: विचार दर विचार               वर्षों पहले एक दुबला-पतला, श्यामवर्णी, सामान्य क़द-काठी का व्यक्ति...