धरती से रिश्ता पनपना मेरी नियति में था: मनोज कुमार

रस उन आँखों में है, कहने को ज़रा-सा पानी. आरज़ू लखनवी का शुमार उन शायरों में होता है, जिन्होंने न सिर्फ़ अपना नाम उर्दू अदब में सुनहरे हुरूफ़ में...

‘वो अक्सर याद आते हैं’ यानी एक भूला-बिसरा अभिनेता

मिथलेश रॉय की कलम से…. ‘वो अक्सर याद आते हैं’ यानी एक भूला-बिसरा अभिनेता               गुलशेर भाई जितना मीठा बोलते थे, उतना ही...

विजेता में ‘आशा’ का आनंद बरसाता अहीर भैरव

विवेक सावरीकर मृदुल की कलम से…. विजेता में ‘आशा’ का आनंद बरसाता अहीर भैरव            पिछले दिनों बॉलीवुड के प्रख्यात कपूर ख़ानदान के एक और...

तुम हमसे दो हाथ आगे निकले… क़तरा-क़तरा फ़हमीदा रियाज़

भवेश दिलशाद की कलम से…. तुम हमसे दो हाथ आगे निकले… क़तरा-क़तरा फ़हमीदा रियाज़             फ़हमीदा रियाज़ की याद आती है, तो ‘क़तरा-क़तरा’ उठा...

कौन-सी विशेषता व्यंग्य को विधा बनाती है?

साहित्य के कैनवास पर व्यंग्य की दमक को अब शिनाख़्त की ज़रूरत नहीं है। फिर भी प्रश्न उभरता है कि समकाल में व्यंग्य की धार पैनी क्यों महसूस नहीं...

यह है उर्दू की ऑलटाइम बेस्टसेलर फंतासी

डॉ. आज़म की कलम से…. यह है उर्दू की ऑलटाइम बेस्टसेलर फंतासी              यह उर्दू की सर्वाधिक लोकप्रिय मसनवियों में से एक है। इस...

मात्राभार गणना: एक मनोरंजक विधि-2

विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. मात्राभार गणना: एक मनोरंजक विधि-2              “वर्ड रिप्लेसमेंट मैथड” की उपयोगिता निर्विवाद है। पिछले भाग में हमने निम्नलिखित...
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