अमेरिका में भारत

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध

गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...

अमेरिका: पार्किंग का चक्रव्यूह

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

रब्त

हास्य-व्यंग्य मुदित रेवातटी की कलम से…. रब्त             परसों बड़ी मेहनत से ग़ज़ल कहने की कोशिश की। जैसे ही मुक़म्मल हुई, फटाक से जाकर...

अमेरिका में लिखने-पढ़ने की संस्कृति

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी

शख़्सियत को जानिए प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी             प्राथमिक शिक्षा के दौरान एक कविता पढ़ने...

खेद है – एक राष्ट्रीय भावना का आधुनिक संस्करण

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

ब्रेन ड्रेन, ब्रेन गेन या ब्रेन वेस्ट?

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...
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