February 17, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि अमेरिका में भारत विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।... और पढ़े
February 14, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि खुसरो पाती प्रेम की बिरला बांचे कोय निबंध शशि खरे की कलम से…. खुसरो पाती प्रेम की बिरला बांचे कोय छांदोग्य उपनिषद में वर्णित है कि ब्रह्म सृष्टि से पहले... और पढ़े
February 12, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों... और पढ़े
February 11, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि एआई का झोला-छाप क्लिनिक हास्य-व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. एआई का झोला-छाप क्लिनिक तकनीक गड़बड़झाला का एक झोल सामने आया है। अख़बार में विज्ञापनों के... और पढ़े
February 10, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि अमेरिका: पार्किंग का चक्रव्यूह विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।... और पढ़े
February 8, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि रब्त हास्य-व्यंग्य मुदित रेवातटी की कलम से…. रब्त परसों बड़ी मेहनत से ग़ज़ल कहने की कोशिश की। जैसे ही मुक़म्मल हुई, फटाक से जाकर... और पढ़े
February 3, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि अमेरिका में लिखने-पढ़ने की संस्कृति विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।... और पढ़े
January 30, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी शख़्सियत को जानिए प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी प्राथमिक शिक्षा के दौरान एक कविता पढ़ने... और पढ़े
January 29, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि खेद है – एक राष्ट्रीय भावना का आधुनिक संस्करण ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... और पढ़े
January 27, 2026 आब-ओ-हवा इत्यादि ब्रेन ड्रेन, ब्रेन गेन या ब्रेन वेस्ट? विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।... और पढ़े