कृतित्व के आईने में ज्ञानरंजन

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

कविता को नये संदर्भों में समझना होगा: रति सक्सेना

रति सक्सेना साहित्य की दुनिया में भली-भांति पहचानी जाती हैं। वर्ल्ड पोएट्री मूवमेंट और कृत्या पोएट्री फ़ेस्टिवल उनकी शख़्सियत के पर्याय बन चुके हैं। ratisaxena.com पर उनके व्यक्तित्व व...

कैसे ट्रीट करता है एक पोएट्री थेरेपिस्ट?-2

पाक्षिक ब्लॉग (गतांक से आगे) रति सक्सेना की कलम से…. कैसे ट्रीट करता है एक पोएट्री थेरेपिस्ट?-2               मैंने ग्लेन कॉलेजा से सवाल...

ज्ञानरंजन का जाना

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

हृदयनाथ का मंगेशकर घराना

पाक्षिक ब्लॉग विवेक सावरीकर मृदुल की कलम से…. हृदयनाथ का मंगेशकर घराना               पंडित हृदयनाथ मंगेशकर का नाम बॉलीवुड के संगीत आकाश में...

वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन               निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार...

नदियों के मायके की तस्वीर देखी आपने?

मासिक ब्लॉग दीक्षा मनीष की कलम से…. नदियों के मायके की तस्वीर देखी आपने?             भारत की प्रमुख नदियों की कोख हिमालय को माना...

समर शेष है… और चुप्पी विशेष?

प्रतिरोध पंकज निनाद की कलम से…. समर शेष है…               विगत 7 जनवरी को बिलासपुर में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय और साहित्य अकादमी...
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