गूंज बाक़ी… हिंदी लेखक और कवि सुमति अय्यर के साथ यह साक्षात्कार प्रसिद्ध लेखक/कवि अमृता प्रीतम ने लिया था। अंतरंग संबंधों पर आधारित यह बातचीत 1978 की एक पुस्तक...
‘गूंज बाक़ी’ में एक यादगार संस्मरण, सौजन्य-प्रस्तुति: विवेक मेहता…. जैनेंद्र-ओशो की मुलाक़ात : चूहा-बिल्ली का खेल जैनेंद्र कुमार और रजनीश दो अलग-अलग व्यक्तित्व।...
याद बाक़ी… यह संस्मरण अकार-68 में प्रकाशित है, जो इस पत्रिका के सहायक संपादक श्री जीवेश के सौजन्य से साभार प्राप्त हुआ। ‘तुम भूल न जाओ उनको…’ बस इसी...